मेरे भाई जो एक सरकारी कार्यालय में काम करते हैं वह पिछले कुछ महीनों से हर तिमाही के बाद एक ही सवाल पूछते थे इस बार DA कितना बढ़ेगा अगर आप या आपके घर में भी कोई सरकारी कर्मचारी है तो उनके लिए साल के अंत में एक बड़ी राहत की खबर आई है। बढ़ती महंगाई के बीच सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) को 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का रास्ता साफ कर दिया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी और इसका फायदा न सिर्फ कर्मचारियों को बल्कि पेंशन पाने वाले लाखों बुजुर्गों को भी मिलेगा।
दिसंबर 2025 के आंकड़ों ने बढ़ाई उम्मीद डीए 58% से 60% हो गया
दिसंबर 2025 के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आंकड़े 148.2 दर्ज किए गए हैं। इसी गणना के आधार पर महंगाई भत्ता (DA) 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सीधी भाषा में समझें तो जब सब्जी राशन और रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ते हैं तो उसका असर इस इंडेक्स पर पड़ता है। और जब इंडेक्स बढ़ता है तो डीए बढ़ना तय होता है। यह बढ़ोतरी सरकारी कर्मचारियों की मासिक आमदनी को सीधे तौर पर बढ़ाएगी जिससे उनकी जेब पर महंगाई का दबाव कुछ हल्का होगा।
एक साथ मिलेगा बढ़ा हुआ भत्ता और पिछले महीनों का एरियर
इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि कर्मचारियों और पेंशनरों को सिर्फ भविष्य का बढ़ा हुआ वेतन ही नहीं, बल्कि जनवरी से लेकर जिस महीने इसे लागू किया जाएगा, उस तक का ‘एरियर’ यानी बकाया रकम भी एकमुश्त मिलेगी। माना जा रहा है कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद मार्च 2026 तक यह एरियर भर दिया जाएगा। यह एकमुश्त रकम कर्मचारियों के लिए होली के मौसम में किसी तोहफे से कम नहीं होगी।
60% डीए आठवें वेतन आयोग की दस्तक की ओर इशारा
यह सिर्फ 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि यह एक बड़े बदलाव का संकेत है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि जब डीए 60 प्रतिशत के आंकड़े को छू लेता है तो आठवें वेतन आयोग की चर्चा और तेज हो जाती है। मेरी नजर में इसका सीधा असर नए ‘फिटमेंट फैक्टर’ पर पड़ेगा जो संभवत 1.60 या उससे अधिक हो सकता है। इसका फायदा यह होगा कि न सिर्फ आपकी बेसिक सैलरी बल्कि HRA, TA और मेडिकल भत्ता जैसी अन्य सुविधाएं भी बढ़ जाएंगी।
महंगाई के बोझ के खिलाफ एक जरूरी कवच
आखिरकार यह डीए बढ़ोतरी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए सिर्फ एक आर्थिक समायोजन नहीं है। यह उनके सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का प्रतीक है। बढ़ती कीमतों के दौर में यह फैसला कर्मचारियों को यह विश्वास दिलाता है कि उनकी मेहनत और देश की सेवा का मूल्य समय के साथ बढ़ता है। अब सभी की निगाहें आठवें वेतन आयोग की औपचारिक घोषणा पर टिकी हैं जो आने वाले समय में सरकारी कर्मचारियों के वित्तीय भविष्य को एक नई दिशा दे सकता है।